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The people behind the mandir, in their own words.

In Loving Memory of Shri Madan Pal Sharma ji

श्री मदन पाल शर्मा जी की पुण्य स्मृति में

उनके सुपुत्रों द्वारा श्रद्धांजलि

अपने पूज्य पिता श्री मदन पाल शर्मा जी की पुण्य स्मृति में उनके सुपुत्र श्री अमित शर्मा जी, श्री मनोज शर्मा जी, श्री गोपाल शर्मा जी एवं श्री रविन्द्र शर्मा जी ने एकजुट होकर श्रद्धा एवं संकल्प के साथ इस मंदिर का निर्माण करवाया।

यह मंदिर केवल ईंट-पत्थरों से बनी एक संरचना नहीं, बल्कि अपने पिता के प्रति उनके प्रेम, सम्मान और श्रद्धा की एक विनम्र अभिव्यक्ति है। यह उनके उन आध्यात्मिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास है, जिन्हें श्री मदन पाल शर्मा जी ने अपने जीवन में सदैव महत्व दिया।

श्री मदन पाल शर्मा जी का जीवन सादगी, भक्ति, अनुशासन और सेवा की भावना से ओत-प्रोत रहा। भगवान श्री राधा-कृष्ण के प्रति उनकी गहरी आस्था एवं श्रद्धा थी तथा वे भजन, कीर्तन और धार्मिक आयोजनों से जुड़े रहते थे।

दिनांक 21 अगस्त 2025 को उनके देहावसान के पश्चात उनके पुत्रों ने उनकी स्मृति को केवल यादों तक सीमित न रखते हुए, उनके जीवन-मूल्यों और आध्यात्मिक विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इसी भावना से इस पावन मंदिर का निर्माण करवाया गया, ताकि यह स्थान आने वाली पीढ़ियों के लिए भी श्रद्धा, भक्ति, शांति और संस्कारों का केंद्र बना रहे।

ईश्वर से प्रार्थना है कि यह मंदिर सदैव भक्ति, शांति, प्रेम और एकता का पावन स्थल बना रहे तथा श्री मदन पाल शर्मा जी के आशीर्वाद और संस्कार उनके परिवार एवं यहां आने वाले सभी श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करते रहें।

“यह श्रद्धांजलि केवल स्मरण में नहीं, बल्कि उनके संस्कारों और विचारों को आगे बढ़ाने के संकल्प में है। यह मंदिर उनके पिता के प्रति प्रेम, श्रद्धा और सम्मान का सदैव पावन प्रतीक बना रहे।”

धर्मेंद्र तोमर

अध्यक्ष

धार्मिक मूल्यों एवं निःस्वार्थ सेवा के माध्यम से प्रभु सेवा और समाज कल्याण के लिए सदैव समर्पित।

“सेवा ही आंतरिक शांति और प्रभु मिलन का सबसे पावन मार्ग है।”